Motivational quotes ( शायरी shyari)

"पश्चाताप कि आग में जल बैठा हुँ
तन्हाईयों कि आँखो में उलझ बैठा हुँ
शायद मै जिंदगि को समझ बैठा हूँ
मै राजों को राज रखके नासमझ बन बैठा हुँ
मै जिंदगि का सार कम उम्र में बता बैठा हुँ
मै शुन्य से सौ बन बैठा हुँ

कुछ अधुरी कहानियों को दिल में डबा बैठा हुँ
बहोत से बिते पलों को स्याहि से कागज पे उतार बैठा हुँ

अब आग से फरक नहि पडता,
मै राख से हजारों बार जन्म ले बैठा हुँ
अब डुबने से भय नहि लगता,
जो अब मै समंदर पि बैठा हुँ
तलवारों के घाव नहि होते मुझमे
तलवारों कि धार बन बैठा हुँ
दुश्मनों के तिरों को राह दिखाने वालि कमान बन बैठा हुँ

जो अब सारथ्य करने के लिए श्रीकृष्ण आ गये है
मै महाभारत खत्म करने वाला अर्जुन बन बैठा हुँ

सालों से अंजानि राह पे चल रहा हुँ
मै अंजानि राहों का अनुभवि मुसाफिर बन बैठा हुँ
मै शुन्य से सौ बन बैठा हुँ
मै शुन्य से सौ बन बैठा हु"
Abhishek gajre






"मै अपनि मर्जि से नहि गिरा था दलदल में
मै अपनि मर्जि से धसता रहा इस दलदल में
मै चुप रहा मुझे बचाने आयि राहों की आवाजों में

मैने लढाई छोड दि बिच लढाई में
मैने सांस छोड दि जानतेहुए भि
की जान थोडि बाकि है मेरी जान जाने में

फस गया हुँ दुनिया के झमेलों में
खो गया हुँ अंजानो के मेलों में
हात छुट गया है खुदका खुदसे इस भिड में
परेशान हो गया हुँ खुदको धुँडते धुँडते इन गर्दिशो में
चिध गया था खुदा सें चलाता है दुनिया को तो बता धुँदु मै कहा खुदको गर डौर है मेरी ये तेरे हात में
जल गया हुँ सुरज में या डुब गया हुँ पाणि में
शेहंशाह है नशिबो का तो बता
चल पडा हुँ कहि दुर या छुट गया हुँ परछाईयों सा अंधेरो में
हार गया हुँ मै ए परवरदिगार बता मुझे,क्या धुँद पाऊँगा मै खुदको खुदसे
खुदा ने दि मंजुरी कहाँ अरे कब का निकल चुका है तु तुझसे
गर पाना हि है फिरसे तो ले बता देता हुँ कहा मिलेंगा तु खुदसे
देख ले एकबार अपनि माँ कि आँखो में
मिल जाऐंग़ा खुदसे माँ कि दुवाओं में"
Abhishek gajre






"बात मेरे हारने की हो रही थी,मुद्दतो बाद जमाने में चर्चा हो रही थी

कहा जा रहा था मै गिर गया हुँ,सुनने में आ रंहा था मै हार गया हुँ

मुद्दतो बाद लढाई हो रही थी,मुद्दतो बाद शिकायते आ रही थी
मुद्दतो से अंधेरे में बैठा था,मुद्दतो बाद उजालो से मिलना था

वो एक से बचने की बात कर रहे थे,मै दस हजार से भिडने की सोच रहा था
मै मुद्दतो बाद चर्चा में आ रहा था

वो बातें तुफानो की कर रहे थे,जुबान "
Abhishek gajre

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